गाजियाबाद में मुरादनगर स्थित श्मशान घाट पर रविवार को हुए हादसे में शामली के पिता-पुत्र की भी मौत हो गई। दोनों अपने रिश्तेदार जयराम के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। लेकिन छत के नीचे दबकर उनकी जान चली गई। बेटे की शादी एक साल पहले ही हुई थी। वह अपने परिवार का इकलौता वारिस था। पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। आस-पड़ोसियों की आंखें भी नम है। लोग पीड़ित परिवार के दुख में शरीक होने के लिए पहुंचे हैं। सभी ने इस घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पिता-पुत्र साथ गए थे अंत्येष्टि में
दरअसल, सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर की गली-9 में रहने वाले विनोद (50 साल) मुरादनगर में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में इंजीनियर थे। जबकि उनका बेटा अक्षय दौराला शुगर मिल में फिटर के पद पर तैनात था। दोनों लोग वहीं रहते थे। जबकि शामली में विनोद की पत्नी, पुत्रवधू, पिता रिटायर्ड शिक्षक मदन सिंह, मां व भाई अरुण का परिवार रहता है। रविवार को विनोद और अक्षय रिश्तेदार जयराम के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। तभी छथ ढहने से पिता-पुत्र की मलबे में दबकर मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को दोनों का शव जब उनके पैतृक घर लाया गया तो कोहराम मच गया। जिन बूढ़े माता-पिता को हादसे की जानकारी नहीं थी, उनके सामने अचानक बेटे व पोते का शव पहुंचा तो वे बदहवास हो गए।
9 माह पहले हुई थी अक्षय की शादी
मृतक विनोद के भाई अरुण का कहना है कि भतीजे अक्षय की शादी 9 माह पहले ही हुई थी। अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। यह हादसा केवल भ्रष्ट अधिकारियों के कारण हुआ है। हमारी मांग है कि योगी सरकार और केंद्र सरकार इन भ्रष्ट अधिकारियों को हटाकर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।
दोषी अफसरों पर होगी सख्त सजा
शामली विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने भी पीड़ित परिवार के बीच पहुंचकर हादसे पर दुख जताया है। उनका कहना है कि तीन चार महीने पहले ही श्मशान घाट का निर्माण हुआ था। ये बड़ा हादसा लालच के कारण हुआ है। योगी सरकार में भ्रष्टाचारियों को सजा अवश्य मिलेगी। इस हादसे में आरोपी अधिकारियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Mw2cRS
via IFTTT

0 Comments