उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने इंटर और हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस बार 10वीं और 12वीं के टॉपर पश्चिमी यूपी के एक ही स्कूल श्रीराम इंटर कॉलेज से हैं। हाईस्कूल में 96.67 प्रतिशत अंक पाकर बड़ौत की रिया जैन तो इंटरमीडिएट में यहीं के रहने वाले अनुराग मलिक ने 97 फीसदी अंक पाकर यूपी टॉप किया है। इंटर में टॉप थ्री छात्रों में अनुराग के अलवा दूसरे नंबर प्रयागराज के प्रांजल सिंह तो वहीं औरैया के उत्कर्ष शुक्ला तीसरा स्थान हासिल किया। तीनों मेधावियों में एक बात कॉमन रही कि, तीनों हाईस्कूल की परीक्षा में जिला टॉपर रहे हैं।
बागपत: हाईस्कूल में अनुराग ने किया था जिला टॉप, इस बार बना यूपी टॉपर
मूलत: सिलाना गांव के रहने वाले अनुराग मलिक अपने पिता प्रमोद मलिक के साथ बड़ौत में छपरौली चुंगी पर रहते हैं। पिता की बड़ौत में ही इलेक्ट्रानिक उपकरणों की दुकान है। अनुराग को इंटर की परीक्षा में 500 में 485 नंबर मिले हैं। अनुराग ने बताया कि, मैंने शुरुआत में ही अपना लक्ष्य बना लिया था। इसके लिए 15 से 16 घंटे हर दिन पढ़ाई की। परीक्षा के दौरान तो 18 घंटे तक पढ़ाई की। कोचिंग या ट्यूशन भी नहीं किया था। कब क्या पढ़ना है, इसका पूरा टाइम टेबल बनाया था। मां पारूल कभी कोई काम भी कहती थी। सिर्फ पढ़ने और लक्ष्य को हासिल करने के लिए कहती थीं। अनुराग हाईस्कूल में भी 92 फीसदी अंक पाकर हाईस्कूल में जिला टॉपर था। उसने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ अध्यापकों को दिया है। कहा कि, मेरी इस सफलता में परिजनों भी बहुत मेहनत की है। वह आगे चलकर आईएएस बनना चाहते हैं।
प्रयागराज: कलाम मेरे आईडियल, आईएएस बनूंगा: प्रांजल सिंह
इंटरमीडिएट के टॉप थ्री में दूसरे नंबर पर प्रयागराज के शिकरो के रहने वाले प्रांजल सिंह हैं। उन्हें 96% मिला है। प्रांजल का हाईस्कूल की परीक्षा में प्रदेश में पांचवा स्थान था। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आईडियल मानने वाले प्रांजल सिविल सर्विसेज की तैयारी कर प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते हैं। पढ़ाई के बाद यदि कुछ समय मिलता है तो वे कलाम के बारें में पढ़ते हैं और उनके वीडियो देखते हैं।बेटे की सफलता पर पिता अवधेश कुमार सिंह काफी खुश हैं। वे सरदार पटेल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य हैं। वे कहते हैं कि, प्रांजल को क्रिकेट खेलना पसंद है। हर पिता की तरह मैं भी चाहता था कि, बेटा नाम करे तो उससे मैं व मेरी पत्नी पढ़ने के लिए कहती थीं तो वह नाराज हो जाता था। लेकिन जब उसका मन करता तो वह देर रात तक पढ़ता रहता था। हाईस्कूल में जब प्रदेश में पांचवा स्थान आया, तब वह खुश तो था लेकिन टॉप थ्री में नाम न आने से मायूस भी हुआ था। प्रांजल सिंह बताते हैं, जिस भी विषय में समस्या आती थी उससे संबंधित टीचर से पढ़ता और समझता था। इसके लिए मैं टीचरों के घर भी चला जाता था। अब मैं इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई के लिए एडमीशन लूंगा।
औरैया: कभी ट्यूशन नहीं लिया, गणित विषय सबसे अधिक पसंद
औरैया जिले के रहने वाले उत्कर्ष शुक्ला ने इंटरमीडिएट में 94.80 अंक पाकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है। उनके 500 में से 474 अंक रहे। हाईस्कूल में भी जिला टॉपर रहे उत्कर्ष गोपाल इंटर कॉलेज के छात्र हैं। पिता संदीप शुक्ला कानपुर देहात के जूनियर हाईस्कूल गंगदासपुर में प्रधानाचार्य हैं।मां सुषमा शुक्ला गृहिणी हैं। भाई आदर्श शुक्ला देहरादून से बीटेक कर रहा है।उत्कर्ष के पिता ने कहा- वह 7 से 8 घंटे नियमित पढ़ाई करता था। शिक्षित परिवार में रहने के कारण उसे शिक्षा का महत्व पता था। उसने कभी ट्यूशन नहीं लिया है। जब कभी किसी विषय में दिक्कत आती थी तो वॉट्सऐप पर शिक्षकों से समझता था। खुद की पढ़ाई कर अच्छी रैंक हासिल की।उसे गणित विषय बेहद पसंद है। तारकमेहता का उल्टा चश्मा सीरियल काफी पसंद है। उत्कर्ष आईएएस बनना चाहते हैं।
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