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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में होगी कोरोना की जांच; संक्रमित मरीजों की संख्या हुई 10, मौत हुई तो कोरोना प्रोटोकाल के तहत होगा अंतिम संस्कार

कोरोनावारस की इस जंग में कानपुर एक कदम और आगे बढ़ गया है। कोरोना की जांच अब जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज होगी। इसकी कवायद शुरू हो गई है , संक्रमण के बढते मामलों को देखते हुए शासन ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एक लैब बनाने का निर्णय लिया है। मंगलवार को ही आरटी और पीसीआर मशीनें कानपुर आ गई है जिनकी कीमत लगभग 1.2 करोड़ है कानपुर में 10 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं।

इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्चं की अनुमति मिलने के बाद लैब मे टेस्टिंग का काम शुरू हो जाएगा। अभी तक कोरोना सैंपल को जांच के लिए लखनऊ के केजीएमयू या फिर एमसपीजीआइ भेजा जाता था। जिनकी रिर्पोट आने में एक से दो दिन लगता था। जिसमें कई सैंपल रिजेक्ट हो जाते थे जिनके सैंपल रिजेक्ट हो जाते थे उनके सैंपल दोबारा भेजना पड़ता था।

कानपुर के हैलट अस्पताल में कोविड-19 अस्पताल बनाया गया है। यहां आने वाले कोरोना संदिग्धों के थ्रो और नेजल स्वाब लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा जाता था। जब तक रिर्पोट नहीं आती थी संक्रमित व्यक्ति और लोगों को संक्रमित करने का खतरा बना रहता था।जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में अपग्रेड करने का फैसला लिया गया है। सैंपल रखने से लेकर सभी प्रकार के सुरक्षा उपकरण रहेंगें। जांच करने वाली टीम को किसी तरह का संक्रमण नहीं हो सकता है।

कोरोना से हुई मौत तो स्पेशल बैग में पैक कर दिया जाएगा शव
वहीं कोरोना पॉजिटिव या कोरोना संदिग्ध की मौत होती है तो शव का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकाल के तहत किया जाएगा। कोरोना पॉजिटिव या संदिग्ध की मौत होने पर शव को स्पेशल बैग में पैक कर के दिया जाएगा। शव का अंतिम संस्कार मेडिकल टीम की निगरानी में किया जाएगा। मेडिकल टीम मृतक के घर से लेकर शमशाम घाट तक मौजूद रहेगी।

डीएम ब्रह्मदेव राम तिवारी ने हैलट पहुंचकर जीएसवीएम के प्रचार्य डॉ आरतीलाल चंदानी, हैलट अधीक्षक आरके मौर्या समेत कई अधिकारियों के कोरोना मरीजों के उपचार और रोकथाम के संबंध में चर्चा की। इस दौरान उन्होने कहा कि कोविड-19 अस्पताल में इलाज के दौरान कोरोना पॉजिटिव या किसी संदिग्ध की मौत होती है तो उसके शव को स्पेशल बैग में पैक कर ही दिया जाएगा । मृतक के परिजनों को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करना पड़ेगा।

डीएम के आदेश के बाद जीएसवीएम प्रशासन ने तत्काल शव पैक करने के लिए विशेष प्रकार के 100 बैग तैयार कराए है। एक बैग की कीमत लगभग 1 हजार रुपए है। तिरपाल के इस बैग में एक विशेष प्रकार की पॉलिथीन लगाई गई है। शव को बैग में रखकर चेन से बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद प्लास्टिक के टेप से शव को सील कर दिया जाएगा । बैग खोलने की अनुमति परिवारीजन को नहीं होगी।



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कोरोनावायरस के संक्रमित मरीजों कीसंख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसे देखते हुए कानपुर के एसएन मेडिकल कॉलेज में नई लैब शुरू की गई है। इसके शुरू होने से अब यहां के मरीजों के सैंपल लखनऊ नहीं भेजे जाएंगे। यहीं पर इसकी पुष्टि हो सकेगी।


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