जाटल पुल पर बीते मंगलवार रात से लापता श्रमिक की खोज बंद हो गई है। गोताखोरों ने दो दिन सर्च अभियान चलाया। अधिक सर्दी के कारण सर्च अभियान लंबा नहीं चल पाया। परिजनों ने रस्सी और कुंडी डालकर कई किलोमीटर तक श्रमिक की तलाश की, लेकिन श्रमिक का सुराग नहीं लगा। अब पुलिस और परिजन खुद मिलने के भरोसे हैं। उधर, श्रमिक के मिलने तक आरोपी की गिरफ्तारी भी रुकी हुई है।
मूलरूप से UP के गाजियाबाद का फुरकान बापौली में अपने जीजा के पास रहकर जाटल पुल के पास न्यू विराट नगर स्थित एक वर्कशॉप में काम करता था। काम खत्म करने के बाद वह अपने कैराना निवासी साथी सनव्वर के साथ मंगलवार शाम को करीब 6:35 बजे ऑटो पकड़ने के लिए पैदल ही जाटल पुल की तरफ आ रहा था।
तभी पीछे से आ रहे आई-10 कार के चालक ने दोनों को टक्कर मार दी। सनव्वर तो बच गया, लेकिन फुरकान नहर में जा गिरा। कार सवार तीनों युवक भी बाहर निकलकर भाग गए। पुलिस और परिजनों ने अलग-अलग गोताखोरों से फुरकान की तलाश कराई। दो दिन तक ढूंढने के बाद गोताखोरों ने अधिक सर्दी के कारण सर्च अभियान में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अब परिजन भी श्रमिक के खुद ही मिलने के भरोसे हैं।
रोहतक का है आरोपी कार चालक
असंध पुलिस चौकी इंचार्ज अतर सिंह ने बताया कि वैसे तो कार गन्नौर के अनिल के नाम है, लेकिन कार तीन बार बेची जा चुकी है। कार के पहले और दूसरे मालिक से पूछताछ में पता चला है कि कार रोहतक के व्यक्ति को बेची गई थी। श्रमिक के मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोनीपत की खुबड़ु नहर में मिले थे पहले दो शव
पानीपत की बिंझौल नहर में डूबे पूर्व पार्षद हरीश शर्मा और सिवाह बाईपास पर नहर में गिरे कैथल के युवा किसान जसप्रीत का शव चौथे दिन साेनीपत की खुबड़ु नहर में मिला था। दोनों को तलाशने के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन दोनों के शव खुद ऊपर आने पर मिले थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3rTzmLA
via IFTTT

0 Comments