उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होता जा रहा है। शनिवार को यहां 138 कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिसमें सात पॉजिटिव पाए गए हैं। ये सातों मेरठ के मवाना कस्बे में तबलीगी जमात में आए थे। इनको मवाना में ही क्वारंटीन किया हुआ था। मेरठ की लैब में हापुड़ के भी दो मरीज कोरोना पॉजिटिव आए हैं। तबलीगी जमात की वजह से पहले से प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए थे, अब ताजा मामले ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। मेरठ में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 31 पहुंच गई है।
गत बुधवार को मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में 15, भावनपुर क्षेत्र में 13 और किठौर एरिया में 16 जमाती मिले थे। ये सभी अपने ही देश के रहने वाले हैं। इनकी मेडिकल जांच कराई गई थी। इससे पहले 1 अप्रैल को मेरठ में कोरोना से 72 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इस मौत के बाद प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या कुल दो पहुंच गई है। बुधवार को ही गोरखपुर में 25 साल के एक युवक की कोरोना वायरस से संक्रमण के चलते जान चली गई थी। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या अब 234 हो गई है, जिसमें से 21 लोग ठीक भी हो चुके हैं।
कई देशों के जमाती छुपे हैं वेस्ट यूपी में
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी यूपी में देश के भीतर से असम, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, फरीदाबाद, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा सहित दूसरे प्रदेशों के जमाती शामिल हैं। इसके साथ ही यहां पर सऊदी अरब, इंडोनेशिया, अफ्रीका, नेपाल, केन्या, सूडान देशों के निवासी जमाती भी छिपे हुए हैं। वेस्ट यूपी में इन जमातियों में से कई के कोरोना वायरस होने से शासन अलर्ट पर है। विदेशी जमातियों के खिलाफ मेरठ में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
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