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संक्रमित युवक के संपर्क में आने वालों को खाेजना बड़ी चुनौती; परिजनों समेत मिलने वाले 57 लोगों को क्वारैंटाइन कराया गया

उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का असर तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच कर्नलगंज के रेडीमेड व्यापारी की बीते सोमवार को कोरोना संक्रमित होने से मौत हो गई थी । स्वास्थय विभाग और जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक के संपर्क में आने वाले लोगों की हिस्ट्री खंगालने की है। फिलहाल मृतक के परिवार के सदस्यों के सैंपल लेकर जांच की लिए भेजा गया है। पूरे परिवार को घर से हटा क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है। इसके साथ ही मृतक के घर को सेंटर प्वाईंट मान कर आधा किलोमीटर के एरिया को हुमायू मस्जिद के हॉटस्पॉट एरिया में शामिल कर दिया गया है।

कर्नलगंज थाना क्षेत्र के तिकुनिया पार्क में रहने वाले अरशद (40) रेडिमेड व्यापारी थे। रेडिमेड व्यापारी का समाजिक बहुत बड़ा था। अरशद का रेडीमेड का कारोबारी था उससे मिलने के लिए शहर और आस के जनपदों के कई दुकानदार आते थे। इसके साथ ही मृतक का क्षेत्र में व्यावहारिक स्वाभाव था। व्यापार से फुर्सत होने के बाद वो क्षेत्र में अपने साथियों को भी पर्याप्त समय देता था। रिश्तेदारों के यहां होने वाले समारोहों में भी शामिल हुआ था। इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों शामिल होना उसकी आदत में शुमार था। यह सभी लोग संक्रमित व्यापारी के संपर्क में थे। संपर्क में आए लोग कितने लोगों से मिले होगें स्वास्थय विभाग के लिए जानकारी जुटाना किसी चुनौती से कम नहीं है ।

फरवरी में मुंबई भी गया था अरशद, वहां से दिल्ली में जमातियों के सम्पर्क में आया
दरअसल अरशद फरवरी लास्ट में मुंबई गया था। मुंबई से होते हुए दिल्ली भी गया था। अरशद विदेशी जमातियों के संपर्क में आया था। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से आठ विदशियों और तीन भारतियों वाली जमात बीते 14 मार्च को कानपुर आई थी। यह जमात चमंनगंज की हलीम प्राइमरी मस्जिद में ठहरने के बाद कर्नलगंज की शेख हुमांयू मस्जिद गई थी। इसी दौरान अरशद की जमातियों के संपर्क में आया था। अरशद ने उनके रुकने और खाने की व्यावस्था कराई थी। उसने जमातियों के साथ खाना भी खाना भी खाया था। इसके बाद यह जमाती नौबस्ता मछरिया की खैर मस्जिद और नसीमाबाद मस्जिद से होते हुए बाबूपुरवा की सुफ्फा मस्जिद गए थे।

5 अप्रैल को तबियत खराब होने पर भर्ती कराया गया था
अरशद की बीते 5 अप्रैल को तबियत खराब हुई तो उसे चुन्नीगंज के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। पांच दिनों तक उसका इलाज प्राइवेट अस्पताल में चलता रह । उपचार किसी प्रकार का अराम नहीं मिला तो परिजनों ने बीते शुक्रवार को हैलट के न्यूरो साइस कोविड-19 हास्पिटल में एडमिट कराया था। डाक्टरों ने अरशद को कोविड-19 आइसीयू में रखा था। उपचार के दौरान उसकी सोमवार को मौत हो गई थी। मंगलवार को मृतक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद घर के आसपास का इलाका सील
मृतक युवक की रिर्पोट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने चुन्नीगंज स्थित उस प्राइवेट हास्पिटल को सील कर दिया। हास्पिटल के डाक्टरों और पूरे मेडिकल स्टाफ का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद क्वारैंटाइन सेंटर भेज दिया है। मृतक के घर को सेंटर प्वाईंट बनाकर लगभग 1200 मकानों को पहले से बने हुमायु मस्जिद के हाटॅस्पॉट में शामिल कर दिया गया है। जिससे लगभग 10 हजार की अबादी प्रभावित होगी। पूरे क्षेत्र में चारो तरफ से बैरीकेडिंग लगा दी गई है। पूरे इलाके को सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।

डीआइजी अंनत देव तिवारी ने बताया कि मृतक के सीधे संपर्क में आने वाले लगभग 160 लोग चिन्हित किए गए हैं। जिसमें एक प्राइवेट हास्पिटल का डॉक्टर, 15 नर्सिंग स्टॉफ और 13 अन्य कर्मचारी हैं। मृतक के परिजनों समेत और मिलने वाले 57 लोगों को क्वारैंटाइन कराया गया है। मृतक जब प्राइवेट हास्पिटल में एडमिट हुआ था तो उससे कौन-कौन मिलने के लिए आया था उसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है ।



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डीआइजी अंनत देव तिवारी ने बताया कि मृतक के सीधे संपर्क में आने वाले लगभग 160 लोग चिन्हित किए गए हैं। जिसमें एक प्राइवेट हास्पिटल का डॉक्टर, 15 नर्सिंग स्टॉफ और 13 अन्य कर्मचारी हैं। मृतक के परिजनों समेत और मिलने वाले 57 लोगों को क्वारैंटाइन कराया गया है।


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