Amazon

बैंक ने किसान को 5 दिन में ऋण जमा करने का सुनाया फरमान; कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बोले- अन्नदाताओं पर कोरोना का डबल कहर

लखनऊ/ललितपुर. कोरोनावायरस महामारी के चलते देश में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। लेकिन इस बीच ललितपुर में एक किसान को केसीसी ऋण वसूली का नोटिस आया है, जबकि केंद्र सरकार ने राहत देते हुए सभी प्रकार की रिकवरी पर रोक लगा दी थी। इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आक्रोश जताया है। अजय ने कहा- वसूली की नोटिस ने किसानों पर कोरोना के कहर को डबल कर दिया है। लॉकडाउन के चलते खेतों में खड़ी फसल की कटाई नहीं हो पा रही है, वहीं दूसरे काम भी बंद हैं। अन्नदाता मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। जब लोगों को खाने के लाले पड़े हैं तो लोग ऋण कैसे उतारेंगे?इस घटना से पता चलता है कि योगी सरकार किसानों के प्रति कितनी असंवेदनशील हैं।

ललितपुर में मैलवारा कला गांव निवासी किसान गरीबा अहिरवार को यूपी ग्रामीण बैंक की तरफ से रिकवरी नोटिस दी गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- नोटिस भेजने की तारीख 11 मार्च है, जबकि ऋण राशि जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च बताई गई है। अब भला पांच दिन में कौन किसान ऋण जमा कर पाएगा। अगर वो करना भी चाहता है तो। इससे भी ज्यादा हास्यास्पद बात यह है कि डाक विभाग के माध्यम 25 मार्च को डिस्पैच किया गया। यानि जिस रात को प्राधानमंत्री ने लॉकडाउन का ऐलान किया उसके अगले दिन। इस प्रकार योगी सरकार ने न सिर्फ गरीब किसानों का अपमान किया है, बल्कि प्रधानमंत्रीजी के लॉकडाउन के आदेश का भी सरासर उल्लंघन किया है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने के जिम्मेदार लोगों पर योगी सरकार को कार्रवाई करना चाहिए।

योगी सरकार से संपूर्ण ऋण माफी की मांग करते हुए लल्लू ने कहा है कि न केवल किसानों की ऋणामाफी की जाए बल्कि जब लॉकडाउन खत्म हो तो इससे किसानों को हुए नुकसान का आंकलन किया जाए और उसके नुकसान के एवज में मुआवजा भी प्रदान किया जाए।किसानों को नोटिस भेजने के बजाय योगी सरकार को चाहिए कि मनरेगा जॉब कार्ड धारकों के खाते तक समय पर सहायता राशि न पहुंचाएं, गरीब-मजदूरों के लिए मुफ्त में भोजन राशन का इंतजाम कराएं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
यूपी ग्रामीण बैंक की तरफ से किसान गरीबा अहिरवार को केसीसी ऋण चुकता करने का नोटिस दिया गया है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bTUI2w
via IFTTT

Post a Comment

0 Comments