21 दिनों के लॉकडाउन के बावजूद कोरोनावायरस (कोविड 19) की चेन नहीं टूटी है। इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 3 मई तक लॉकडाउन 2.0 का ऐलान किया है। इस दौरान पूर्व की भांति यातायात के सभी माध्यम बंद रहेंगे। हालांकि, इस बार खेतीबाड़ी से जुड़े किसानों को फसल काटने की सहूलियत दी गई है। इसी के साथ बुधवार को प्रदेश में गेहूं क्रय केंद्र खोले जाने पर सहमति बनी है। झांसी में जिला प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर क्रय केंद्रों को खोलने की अनुमति दी है।
टोकन सिस्टम से होगी खरीद, कर्मियों को मास्क लगाना अनिवार्य
प्रशासन ने गेहूं खरीद के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। गेहूं खरीद में टोकन सिस्टम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। केंद्र पर किसी भी तरह भीड़-भाड़ वाला माहौल नहीं होने दिया जाएगा। किसान का भुगतान तत्काल करना होगा। किसान के उत्पीड़न पर केंद्र प्रभारी के खिलाफ सुसंगत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति कुंटल से कम में केंद्र पर गेहूं खरीद की जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
किसान गमछे से अपना चेहरा ढंके
डीएम आंद्रा वापसी ने कहा- जिन किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है, उनका गेहूं पहले क्रय किया जाएगा। केंद्र पर सारी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली गई हैं। जनपद में 73 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। कर्मचारियों को मास्क लगाना अनिवार्य है, इसके अलावा जो भी किसान गेहूं बेचने आएंगे वे गमछा से अपना मुंह ढंक कर रखेंगे। एसडीएमओ को केंद्रों पर छांव, बैठने की व्यवस्था ठीक करने के लिए कहा है।
प्रत्येक पांच क्रय केंद्र पर एक इंचार्ज की तैनाती की गई है, जो लगातार खरीद पर नजर बनाए रखेगा। किसान द्वारा पंजीकरण कराए जाने के बाद लखनऊ मुख्यालय से किसान के पास एसएमएस आएगा। एसएमएस में दिए लिंक पर क्लिक करते हुए केंद्र प्रभारी का नाम व मोबाइल नंबर प्राप्त हो जाएगा। मोबाइल पर बात करते हुए ऑनलाइन टोकन किसान को मिल जाएगा। टोकन के द्वारा किसान क्रय केंद्र पर जाकर अपनी फसल बेच सकेगा।
लॉकडाउन 2.0 में खेती से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों को इजाजत रहेगी-
- खेतों में काम करने वाले किसान और खेती का काम करने वाले अन्य लोग।
- एमएसपी ऑपरेशंस समेत कृषि उपज की खरीद करने वाली एजेंसियां।
- राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचित मंडियां।
- खेती की मशीनें और उनके स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुल सकेंगी।
- फार्म मशीनरी से कस्टम हायरिंग सेंटर संबद्ध रहेंगे।
- उर्वरक, कीटनाशक और बीजों का बनना और वितरण जारी रहेगा।
- खेत जोतने के काम आने वाली मशीनों मसलन हार्वेस्टर और अन्य चीजों का राज्य के अंदर और बाहर आना-जाना हो सकेगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2wFKqUJ
via IFTTT

0 Comments