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यूपी के गृहमंत्री रहे रामकृष्ण द्विवेदी का 87 साल की आयु में निधन, राहुल गांधी ने जताया शोक

कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पंडित रामकृष्ण द्विवेदी का शुक्रवार को राजधानी लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 87 साल के थे। द्विवेदी ने 1971-72 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिभुवन नारायण सिंह को गोरखपुर की मानीराम विधानसभा उपचुनाव में हराया था। तब उन्हें गोरक्षपीठ का समर्थन मिला था। कांग्रेस उम्मीदार रहे रामकृष्ण द्विवेदी के लिए तब इंदिरा गांधी जनसभा करने आई थीं। बाद में उन्हें कमलापति त्रिपाठी की अगुवाई में बनी सरकार में में प्रदेश कागृहमंत्री बनाया गया था।

राहुल गांधी ने अपनी संवेदना प्रकट की

रामकृष्ण द्विवेदी, मूल रूप से गोरखपुर के ब्लॉक जंगल कौड़िया के भंडारों के गांव के रहने वाले थे। वे एक बार उपचुनाव जीतने के बाद दो बार विधान परिषद सदस्य भी रहे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

जब प्रियंका के फैसले पर जताया था विरोध

2019 के लोकसभा चुनाव के बाद पंडित रामकृष्ण द्विवेदी समेत पार्टी के 10 कार्यकर्ताओं को अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित कर दिया गया था। जिस उनकी पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के प्रति नाराजगी भी खुलकर सामने आई थी। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के निष्कासन को दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था। कहा था- पार्टी के भीतर आए बाहरी तत्व इस घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी। साफ कहा थ कि, प्रियंका गांधी पार्टी महासचिव हैं, उन्हें अनुशासन समिति के काम में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। कांग्रेस संविधान से चलेगी। हालांकि, बाद में उनका निष्कासन वापस कर लिया गया था।



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पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के बेहद नजदीक थे पंडित रामकृष्ण द्विवेदी।


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