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सड़कें ब्लॉक कर ड्राइंग रूम में जड़ा ताला; पड़ोसियों के आने पर भी रोक लगी, जो बाहर से आए उन्हें स्कूल में किया क्वारैंटाइन

कोरोनावायरस (कोविड-19) को मात देने के लिए 14 अप्रैल तक संपूर्ण भारत लॉकडाउन है। केंद्र के साथ राज्य सरकार बार-बार अपील कर रहा है कि, लोग घरों में रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। ज्यादातर लोग इसका पालन कर रहे हैं। लेकिन अभी कुछ लोग बहाना बनाकर सड़कों पर निकल पड़ते हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालते ही हैं, समाज के लिए भी खतरा बनते हैं। लेकिन गोरखपुर में एक ऐसा गांव है, जिसने खुद को पूरी तरह से लॉकडाउन कर लिया है। प्रधान लोगों को जागरुक करने के लिए हर दिन अपनी गाड़ी पर लाउड स्पीकर बांधकर निकल पड़ते हैं। ये सिलिसला देर शाम तक चलता है।

जिला मुख्यालय से 18 किमी दूर गांव

जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर उत्तर दिशा में सात टोले का गांव सिक्‍टौर है। काफी बड़ा गांव होने के कारण यहां लॉक डाउन का पालन कराना बेहद ही मुश्किल काम है। लेकिन, यहां के ग्रामीणों ने लॉकडाउन और सोशल डि‍स्‍टेंसिंग का पालन करके पूरे देश के लिए नजीर पेश की है। ग्रामीणों ने अपने बैठक कक्ष यानी ड्राइंगरूम में ताला लगा दिया है। वहीं गांव में आने वाली सभी सड़क को ब्‍लॉक कर दिया है। गांव में किसी भी बाहरी व्‍यक्ति का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है।

रिश्तेदारों व पड़ोसियों के आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध

  • गांव निवासी शिक्षिका डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि कोरोनावायरस का संक्रमण हमारे गांव तक न पहुंचे, इसलिए पूरी ऐहतियात बरती जा रही है। लोगों ने अपने घर के दरवाजे पर ताला लगा दिया है। लॉकडाउन के बाद से न तो कोई बाहर गया न ही कोई गांव के भीतर आया है।
  • बुजुर्ग रामरती ने घर के बैठक कक्ष में ताला लगा रखा है। वे बताते हैं कि गांव में रिश्‍तेदारों और पड़ोसियों के आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। सोशल डिस्‍टेंसिंग का भी पालन किया जा रहा है। गांव के बाहर से आने वाले लोगों को स्‍कूल में 14 दिन के लिए आइसोलेशन में रहना पड़ रहा है। उन्‍हें गांव और घर में आने पर मनाही है।
  • प्रमोद कुमार चौहान सिक्‍टौर के रहने वाले हैं। उन्‍होंने बताया कि गांव में बाहरी व्‍यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए बैरिकेटिंग किया गया है। उसके आधार कार्ड और अन्‍य माध्‍यमों से उसका परिचय लिया जा रहा है। बाहर से कमाकर लौटने वाले लोगों को 14 दिन के लिए स्‍कूल में रखा गया है। उसके लिए खाने-पीने का सामान भी वहीं भेजवा दिया गया है। गेहूं के कटाई के कारण प्रधान भी माइक और लाउडस्‍पीकर के माध्‍यम से सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करने के लिए निर्देशित कर रहे हैं।

सैनिटाइजेशन कराया जा रहा गांव

गांव के प्रधान रमेश चौहान अपने चारपहिया वाहन से रोज सुबह 6 बजे ही अपने घर से निकल पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि, गांव और खेत के साथ बाजार में भी ग्रामीण जागरुक हैं। बाहर से आने वाले लोगों को स्‍कूल में क्‍वारैंटाइन किया जा रहा है। सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है। मेहमान और बाहर से आने वाले लोगों को रोका जा रहा है।




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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर 25 मार्च से गोरखपुर का ये सिक्टौर गांव लॉकडाउन है। यहां जरूरी कामों के लिए लोगों को घरों से यदि निकलना पड़ता है तो वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं। गांव को इसी तरह सीढ़ियों व बांस बल्लियों के सहारे सील किया गया है।


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