उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में जूही बंबुरहिया स्थित धोबी तालाब के बीच स्थापित बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को उनकी 129वीं जयंती पर मंगलवार को दूध से नहलाया गया। इसके बाद माल्यार्पण कर उन्हें मास्क पहनाया गया। इससे पहले सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए चार लोग पानी में उतरे और प्रतिमा तक पहुंचे। निर्दलीय पार्षद सुनील कनौजिया ने कहा- जिस प्रकार पूरी दुनिया कोरोनावायरस के संक्रमण से परेशान है। ऐसे में संविधान के निर्माता को भी मास्क की जरूरत है। इसलिए उन्हे भी मास्क पहनाया गया है।
दरअसल, श्रम विभाग ने जूही बम्बुरहिया स्थित तलाब को धोबी समाज को दिया था। साल 1993 में कुछ लोगों ने तालाब के मध्य में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। वर्तमान में ये तालाब दलदल के स्वरूप में है। लोगों को प्रतिमा तक पहुंचने के लिए भरे हुए तलाब में लगभग 400 मीटर का रास्ता तय कर पहुंचा पड़ता है। हर साल डॉक्टर अंबेडकर की जयंती पर लोग प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए जाते हैं।
वार्ड 14 से निर्दलीय पार्षद सुनील कनौजिया ने कहा- धारा 144 का पालन करते हुए चार लोगों ने सोशल डिस्टेसिंग के माध्यम से बाबा साहब का माल्यापर्ण किया और दूध से उनका अभिषेक भी किया। वर्तमान में दुनिया भर में कोरोना का कहर है। ईश्वर को भी मास्क की आवाश्कता है और संविधान निर्माता को भी मास्क की आवश्यकता है। वो पूज्यनीय और महापुरूष हैं। हम इंसानो को भी मास्क की जरूरत है। इसलिए हमने उन्हें मास्क पहनाया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/34xRCi2
via IFTTT

0 Comments