उत्तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्या में केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल के अयोध्या दौरे के बाद यहां के लिए केंद्र को भेजे गए दो बड़े प्रोजेक्ट के लांच होने की उम्मीद बढ़ गई है। इनमें अयोध्या में राम लीला अकादमी व रामायण रिसर्च सेंटर के प्रोजेक्ट प्रमुख हैं। प्रदेश की योगी सरकार इन दोनों प्रोजेक्ट को केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से चलाना चाहती है। ये दोनों प्रोजेक्ट्स का कार्य क्षेत्र ग्लोबल स्तर पर रखा गया है जिसमें विदेश के उन देशों को इन संस्थानों से जोड़ा जा सकेगा।
इसी से जोड़कर ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया आफ रामायण के प्रकाशन का करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट भी केंद्र सरकार के सहयोग से शुरू किया गया है। अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डा वाई पी सिंह के मुताबिक केंद्र सरकार को रामलीला अकादमी अयोध्या में खोलने के लिए प्रोजेक्ट दो साल पहले भेजा गया था। जो अभी भी विचाराधीन है। इस अकादमी के संचालन में हर साल 3 करेाड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। जिसे केंद्र सरकार को वहन करना है।
रामलीला अकादमी के लिए जमीन मुहैया कराएगी प्रदेश सरकार
प्रदेश सरकार अयोध्या में रामलीला अकादमी स्थापित करने के लिए जमीन व संचालन व्यवस्था का दायित्व उठाएगी। दूसरा प्रोजेक्ट रामायण रिसर्च सेंटर खोलने का है। बताया गया कि अयोध्या में रामायण विश्वविद्यालय के प्रोजेक्ट पर भी विचार हो सकता है। जो केंद्र के संस्कृति व विदेश मंत्रालय के समन्वय से संचालित किया जा सकता है। इसको लेकर भी प्रदेश सरकार केंद्र से सहयोग लेना चाहती हैं। इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार की भी कोशिश हो रही है।
इसमें देश विदेश के छात्रों को रामायण पर शोध व रामलीलाओं की विविध विधाओं से जोड़ कर प्रशिक्षण व शिक्षण कार्य किया जा सकता है। इस यूनिवर्सिटी को खोल कर रामलीला को लेकर ग्लोबल यूनिवर्सिटी का दर्जा हासिल किया जा सकता है। इन बड़े प्रोजेक्ट के लांच होने पर अयोध्या में युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेगें।
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