कृष्ण जन्माष्टमी पर बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और कई जिलों में 8 घंटे तक बिजली गुल रही। मामले ने तूल पकड़ा तो जांच की गई तो पता चला गलत कमांड देने की वजह से बिजली कटी थी। बिजली उन्हीं लोगों के यहां कटी थी जहां स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। प्रदेश में 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। स्मार्ट मीटर पर शक्तिभवन में बने कंट्रोल रूम से नजर रखी जाती है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ जांच के भी आदेश दिए हैं। मंत्री ने 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
इस वजह से गुल हुई बिजली
बेहतर बिजली सेवाएं देने के नाम पर लगाए गए स्मार्ट मीटर ने अचानक धोखा दे दिया। कई जिलों की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। ये सब एक गलत कमांड की वजह से हुआ। इस कारण प्रदेश के 8 शहरों में लगे 10 लाख स्मार्ट मीटर में से डेढ़ लाख मीटर की बिजली गुल हो गई। शाम को करीब 4.30 बजे स्मार्ट मीटर के सर्वर पर एक गलत कमांड दी गई, जिसकी वजह से रात 12 बजे तक बिजली गुल रही। पावर कॉरपोरेशन ने दावा किया कि रात 9.30 बजे तक 70 प्रतिशत डिस्कनेक्ट हुए कनेक्शन को कनेक्ट कर दिया गया। हालांकि देर रात तक यह नहीं पता चल सका कि गलत कमांड कहां से जारी की गई। वहीं, बिजली न मिलने से नाराज लोगों ने उप केंद्रों पर हंगामा भी किया।
इन शहरों में लगाए हैं स्मार्ट मीटर
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, बरेली, मथुरा और अलीगढ़ में इस सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाए थे। बुधवार शाम को अचानक लाखों घरों की बिजली गुल हो गई। काफी प्रयास के बाद देर तक बिजली ठीक नहीं हो सकी।
ऊर्जा मंत्री ने जांच के आदेश दिए
मामले में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यूपीपीसीएल चेयरमैन अरविंद कुमार को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही इस गलती के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए भी कहा है। वहीं, ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर ईईएसएल आदेश सक्सेना और एलएंडटी ने अपने स्टेट हेड शशिकांत अग्रवाल को निलंबित कर दिया।
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