Amazon

खरीदारों को मकान नहीं देने वाले बिल्डर्स पर रेरा ने कसा शिकंजा, 10 बिल्डरों को डिफाल्टर घोषित किया गया

उत्तर प्रदेदश में रियल स्टेट रेगुलटरी ऑथरिटी (रेरा) ने डिफाल्टर बिल्डरों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। रेरा ने दस बड़े डिफाल्टर बिल्डरों की परियोजनाओं की जानकारी संबंधित प्राधिकरण से मांगी है। इस पर मंथन करते हुए जानकारी साझा करने का काम शुरू हो गया है। इसकी वजह बायर्स द्वारा रेरा में की गई शिकायतों का निर्देश के बाद भी बिल्डर की ओर से निस्तारण नहीं किया जाना है। शिकायतों के निस्तारण होने से करीब 2 हजार से ज्यादा बायर्स को राहत मिलेगी।

14 अगस्त को रेरा ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत प्राधिकरण के साथ ऑनलाइन बैठक की थी। इस बैठक में रेरा ने डिफाल्टर बिल्डरों की जानकारी साझा की। इसमें 10 बिल्डरों की सूची को सार्वजनिक किया गया। इसमें नोएडा के चार बड़े बिल्डर शामिल है। जिनको डिफाल्टर की श्रेणी में रखा गया है। टॉप 10 सूची में बिल्डरों के पास कुल 3850 आदेश लंबित है। इसमें 1448 आदेश पैसा वापस लौटाने और 2402 आदेश खरीददार को कब्जा देने के है। आदेश का पालन नहीं करने पर यूपी रेरा ने 667 आदेश आरसी के जारी कर चुका है।

नोएडा की परियोजनाएं शामिल
नोएडा में उप्पल चढ्ढा समूह को जारी किए गए आदेशों में करीब 40 रिफंड के है। इसके अलावा 267 कब्जा देने के लिए और 18 के खिलाफ आरसी जारी की गई है। इसी तरह सुपरटेक , लाजिक्स , जेपी पैमरामाउंट, गार्डिनिया एम्स बिल्डर भी शामिल है। इनके खिलाफ रेरा ने आदेश दिए लेकिन बिल्डर ने नहीं माना। यदि सभी आदेशों का पालन किया जाता हजारों की संख्या में बायर्स को लाभ मिलता।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
रेरा ने डिफाल्टर बिल्डरों की जानकारी साझा की। इसमें 10 बिल्डरों की सूची को सार्वजनिक किया गया। इसमें नोएडा के चार बड़े बिल्डर शामिल हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3215e4B
via IFTTT

Post a Comment

0 Comments