उत्तर प्रदेश के 18 जनपदों में साइबर पुलिस स्टेशन खुलेंगे। इसका ऐलान गृह विभाग ने गुरुवार सुबह कर दिया। अयोध्या, आगरा समेत जिन जिलों में साइबर थाने खुलेंगे, उन पुलिस स्टेशन के सीयूजी नंबर और ईमेल आईडी भी जारी कर दी गई है। इनके परिक्षेत्र से जुड़े जिलों में होने वाले साइबर क्राइम के मामले इन्हीं थानों में दर्ज होंगे। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यह थाने खोले गए हैं। इन थानों की स्थापना में 111 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। 7 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात किए जांएगे।
अब इन शहरों में होंगे साइबर थाने
आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, चित्रकूट, बरेली, मुरादाबाद, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, अयोध्या, लखनऊ, नोएडा, सहारनपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, वाराणसी में साइबर थाने शासन ने खोलने का निर्णय लिया है।
लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में थे साइबर थाने
परिक्षेत्र मुख्यालयों पर साइबर थानों की स्थापना का प्रस्ताव 26 जून 2019 को पुलिस महानिदेशक ने भेजा था। इसमें उन्होंने तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध का उल्लेख और वर्ष 2014 से 2019 के बीच प्रदेश में साइबर अपराधों में हुई वृद्धि का आंकड़ा भी प्रस्तुत किया था। इससे पहले लखनऊ और गौतमबुद्धनगर में ही साइबर थाने थे। इन दोनों जिलों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद यहां स्थापित साइबर थानों के अधिकार क्षेत्र का नए सिरे से निर्धारण किया जाना अभी बाकी है। ऐसी स्थिति में नए साइबर थानों की जरूरत महसूस की जा रही थी।
इतने कर्मियों की होगी जरूरत
गृह विभाग के अनुसार ने बताया कि नए साइबर थानों के लिए 1,717 इंस्पेक्टर, 1,717 सब इंस्पेक्टर, 3,458 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल और सहायक टीम के रूप में 93 इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर और 186 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल दिए जा रहे हैं। सभी 8 जोन मुख्यालय लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, आगरा और मेरठ पर साइबर साइबर सेल टीम बनाई गई है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी इसका गठन किया गया है। साइबर थानों के अलावा 149 अन्य थानों पर साइबर सेल टीम का गठन किया गया हैं।
7 महीने में 14 हजार से अधिक शिकायतें आई
गृह विभाग के अनुसार नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पिछले सात महीने में 14,683 शिकायतें आई हैं। इसी तरह डीजीपी मुख्यालय के साइबर क्राइम हेल्पडेस्क पर कुल 56 शिकायतें मिलीं। इनमें से 48 का निस्तारण किया गया। कोरोना महामारी के समय प्रधानमंत्री केयर फंड व विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन डिलिवरी में धोखाधड़ी की शिकायतें बढ़ी हैं। साइबर क्राइम थाने स्थापित होने से इन पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
यह होगी जिम्मेदारी
साइबर अपराधियों की धरपकड़ करना, आतंकी घटनाओं की तफ्तीश और आरोपितों की गिरफ्तारी, क्रेडिट व डेबिट कार्ड से हेराफेरी और फ्राड, इंटरनेट बैंकिंग से फ्राड, ऑनलाइन शापिंग में फ्राड, कंप्यूटरीकृत बैंक खातों में की जारी वाली हेराफेरी और सरकारी साइटों को हैक करने के मामलों की जांच साइबर थानों के माध्यम से होगी।
साइबर थानों की लिस्ट-

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