कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे का बीते 10 जुलाई को यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर किया था। उसी दिन कानपुर में भैरव घाट पर पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार कराया था। 38वें दिन पत्नी ऋचा दुबे मंगलवार को कानपुर पहुंचीं। उनके साथ बड़ा बेटा व उनके वकील भी साथ थे। भैरव घाट से पति की अस्थियां लेने के बाद वे नगर निगम कार्यालय गईं। जहां उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग की। लेकिन थाने से वहां कोई कागजात न भेजे जाने के चलते उन्हें बिना प्रमाण पत्र के ही लौटना पड़ा। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन बिना कुछ कहे वो वहां से रवाना हो गईं।
पूर्व एसएसपी ने दर्ज कराए अपने बयान, एक वांछित ने किया सरेंडर
कानपुर शूटआउट की जांच कर रही एसआईटी के समक्ष सोमवार को कानपुर के पूर्व एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने अपना बयान दर्ज कराया है। वर्तमान में अनंत देव मुरादाबाद में डीआईजी पीएसी के पद पर हैं। उन्होंने कुछ दस्तावेजी साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। अनंतदेव पर आरोप है कि शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र ने चौबेपुर थानाध्यक्ष रहे विनय तिवारी के खिलाफ कई लिखित शिकायतें की थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं, शूटआउट में वांछित गोविंद ने सोमवार को कानपुर देहात की अदालत में सरेंडर कर दिया।
दो जुलाई की रात को हुआ था बिकरु कांड
2 और 3 जुलाई की रात पुलिस की एक टीम विकास दुबे के घर दबिश देने गई थी, जिसकी जानकारी भनक विकास दुबे को पहले ही पुलिस के द्वारा लग गई थी। इसके बाद विकास दूबे ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया, जिसमें उसके कई साथी मौजूद थे। इस हमले से पुलिस के 8 जवान शहीद हो गए थे। हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। उत्तर प्रदेश आते समय कानपुर के पास पुलिस की गाड़ी पलट गई। इसी बीच भागने के दौरान एनकाउंटर में मारा गया।
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