क्या वायरल : सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि अयोध्या में मिली 5 एकड़ जमीन पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ‘बाबर अस्पताल’ बनाने जा रहा है। दावा है कि डॉ. कफील खान को इस अस्पताल का प्रशासक बनाया जाएगा। दावे के साथ एक फोटो भी वायरल हो रही है। फोटो में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सोशल एक्टिविस्ट गौहर रजा कुछ वकीलों के साथ खड़े दिख रहे हैं।
- 5 अगस्त को अयोध्या में बनने जा रहेे राम मंदिर का शिलान्यास किया गया। 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित भूमि पर मंदिर बनाने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने मामले में मुस्लिम पक्षकार ‘सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड’ को भी मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ जमीन देिए जाने का आदेश सरकार को दिया था। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बोर्ड को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में यह जमीन आवंटित भी कर दी है।
- अयोध्या में बनने जा रहे राम मंदिर को लेकर तो सोशल मीडिया पर कई फेक खबरें फैलाई ही गईं। ‘सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड’ को मिली जमीन को लेकर भी वॉट्सएप, फेसबुक और ट्विटर पर अफवाहों का सिलसिला शुरू हो गया है।
वायरल फोटो

फोटो के साथ शेयर किया जा रहा मैसेज
सुप्रीम कोर्ट ने जो पांच एकड़ जमीन दी थी.. सुन्नी वक्फ़ बोर्ड ने लिया फैसला.. उस पर बनेगा बाबरी हास्पिटल जो AIIMS के बराबर मुफ्त सुविधा देगा.जाने माने डाक्टर #KafilKhan को इस अस्पताल का प्रसासक बनाया जा सकता है.. इस अस्पताल में एक पूरा फ्लोर बच्चों के लिए आरक्षित होगा.. जिसमें चमकी बुखार(Viral Megningits) सहित कई बिमारियों का ईलाज होगा
दावे से जुड़े ट्वीट
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फेसबुक पर भी इस दावे से जुड़े पोस्ट किए जा रहे हैं
फैक्ट चेक पड़ताल
- पड़ताल की शुरुआत में हमने अयोध्या में सुन्नी वक्फ बोर्ड को मिली 5 एकड़ जमीन से जुड़ी हाल ही की खबरें इंटरनेट पर खंगालना शुरू कीं। हिंदुस्तान टाइम्स की वेबसाइट पर हमें 6 अगस्त, 2020 की एक खबर मिली।

- हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार :उत्तरप्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने 5 एकड़ भूमि पर मस्जिद बनाने के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया था। इस ट्रस्ट ने जमीन पर अपना ऑफिस बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस ऑफिस का नाम होगा ‘इंडिया इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन’। इस जमीन पर मस्जिद के साथ, लाइब्रेरी और अस्पताल भी बनाया जाएगा। हालांकि, खबर में कहीं भी अस्पताल के नाम का जिक्र नहीं है। यानी अस्पताल बन रहा है, ये बात सही है, पर इसका नाम बाबरी अस्पताल होगा यह तथ्य भ्रामक है।
- न्यू इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर 8 अगस्त, 2020 को छपी खबर के अनुसार : ट्रस्ट के सेक्रेटरी अथर हुसैन ने बताया है कि 5 एकड़ जमीन पर मस्जिद के अलावा अस्पताल, लाइब्रेरी और कम्युनिटी किचन भी बनाया जाएगा। निर्माण कार्य के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निमंत्रण दिया जाएगा। इस खबर में भी ऐसा कहीं उल्लेख नहीं है कि अस्पताल का नाम ‘बाबरी अस्पताल’ होगा। यहां तक की जब अथर हुसैन से पूछा गया कि क्या मस्जिद का नाम ‘बाबरी मस्जिद’ होगा? तो उन्होंने साफ कहा कि अभी तक मस्जिद का नाम फाइनल नहीं हुआ है।

- 7 अगस्त को ‘उत्तरप्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड’ ने बयान जारी कर कहा है कि 5 एकड़ की जमीन पर बन रहे अस्पताल का नाम ‘बाबरी अस्पताल’ नहीं होगा। साथ ही इस अस्पताल का प्रशासक डॉ. कफील को बनाए जाने के दावे को भी बोर्ड ने फेक बताया।

निष्कर्ष : अयोध्या में मुस्लिम पक्ष को मिली 5 एकड़ जमीन पर अस्पताल बनाया जाएगा, ये बात सही है। लेकिन, इसका नाम ‘बाबरी अस्पताल’ नहीं होगा।
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