अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर का शिलापूजन हो चुका है। अगले 10 दिनों में मंदिर निर्माण शुरू हो जाएगा। इस बीच मस्जिद निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड द्वारा गठित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। हालांकि, विहिप व कुछ अन्य संगठनों ने ऐलान किया है कि वे बाबर के नाम पर कोई भी मस्जिद नहीं बनने देंगे। इन विवादों के बीच फाउंडेशन ने मस्जिद का नाम धन्नीपुर गांव के नाम पर रखने की मंशा जताई है।
मंत्री मोहसिन रजा के सुझाव पर होगा मंथन
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री मोहसिन रजा खान ने मस्जिद का नाम मोहम्म्द साहब के नाम से करने का सुझाव दिया है। जिस पर भी ट्रस्ट की बैठक में विचार किया जा सकता है। मगर आम सदस्यों की राय बन रही है कि अयोध्या के धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद का नाम उसी गांव के नाम से रखा जाए। वैसे भी जहां की मस्जिद होती उसी के नाम से उसे पहचाना जाता है।
जल्द कराएंगे हदबरारी, चंदा जुटाने के लिए खुलेगा खाता
सचिव हुसैन ने कहा कि धन्नीपुर मस्जिद के नाम से इस इलाके की भी महत्ता बढ़ेगी। वैसे भी जब जमीन का आवंटन मस्जिद के लिए हुआ तो धन्नीपुर गांव देश विदेश में चर्चा में आ चुका है। अतहर ने कहा कि हम पहले भी कह चुके हैं कि मस्जिद के नाम व इसकी भव्यता व आकार से इसका महत्व नहीं बढ़ता। मस्जिद की महत्ता उस जगह से होती है जहां यह बनी है। तहसील के अधिकारियों से सूचना मिलने पर ट्रस्ट के सदस्य मौके पर पहुंचकर मस्जिद की जमीन की हदबरारी करवाकर मेड़बंदी करवाएंगे। उम्मीद है कि यह कार्य अगले हफ्ते में हो जाएगा। बैंक का खाता खुलने के बाद धन संग्रह का काम भी शुरू हो जाएगा।
यूपी सरकार ने जमीन दी थी
बीते साल 9 नवंबर को राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 5 फरवरी 2020 को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' का गठन किया गया था। उसी दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र में धन्नीपुर गांव में सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी। बोर्ड ने मस्जिद निर्माण के लिए इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन बनाया है। जिसमें 15 सदस्य शामिल किए गए हैं। लेकिन अभी महज 9 सदस्यों के नाम घोषित हुए हैं। शेष छह का चुनाव घोषित सदस्यों की आम सहमति के बाद होगा। उसके बाद उन नामों की भी घोषणा की जाएगी।सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का फाउंडर ट्रस्टी बनाया गया है। वहीं, बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन आधिकारिक प्रवक्ता हैं।
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