कानपुर के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद भी पुलिस का एक्शन जारी है। यूपी एसटीएफ ने इस शूटआउट के 50 हजार इनामी वांछित बाल गोविंद उर्फ लालू को चित्रकूट के कर्वी से गिरफ्तार किया है। वह 40 दिनों तक फरारी काटने के बाद पुलिस के हाथ आया है। बाल गोविंद विकास दुबे पर एफआईआर लिखाने वाले राहुल तिवारी का करीबी रिश्तेदार है। लेकिन शूटआउट की रात वह विकास दुबे के साथ मिलकर पुलिस वालों पर फायरिंग कर रहा था।
12 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
कानपुर शूटआउट को हुए 40 दिन बीत चुके हैं। पुलिस ने अब तक इस चर्चित कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह अपराधियों का एनकाउंटर किया है। 18 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। जबकि, विकास दुबे का भाई दीपक दुबे, राजाराम, शिव तिवारी, विष्णु पाल यादव उर्फ जिलेदार, रामू बाजपेई, गोपाल सैनी, हीरू दुबे, शिवम दुबे फरार हैं। इन सभी पर 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया जा चुका है। 12 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है। अब इनकी गिरफ्तारी और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में पुलिस को आसानी होगी।
उमाकांत शुक्ला ने किया था सरेंडर
बीते शनिवार को कानपुर शूटआउट में नामजद उमाकांत शुक्ला ने चौबेपुर थाने में नाटकीय अंदाज में सरेंडर कर दिया था। वह अपने परिवार के साथ थाने पहुंचा। गले में तख्ती लटकाई थी, जिसमें खुद के विकास दुबे का साथी होने और कानपुर कांड के बाद आत्मग्लानि की लिखी थी। उमाकांत शुक्ला ने पुलिस से रहम की गुहार लगाते हुए कहा कि मैं सरेंडर करने आया हूं।
क्या है कानपुर शूटआउट?
कानपुर के चौबेपुर थाना के बिकरु गांव में 2 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे और उसकी गैंग ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी। 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर से विकास की गिरफ्तारी हुई। 10 जुलाई की सुबह कानपुर से 17 किमी पहले पुलिस ने विकास को एनकाउंटर में मार गिराया था। विनय तिवारी व दरोगा केके शर्मा को मुखबिरी के आरोप में जेल भेजा जा चुका है।
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