उत्तर प्रदेश के कानपुर में थाना चौबेपुर में 2 व 3 जुलाई की मध्यरात्रि हुए बिकरु कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसके अन्य साथियों की तलाश पुलिस कर रही थी। इसी दौरान अपराधी विकास दुबे का खास शातिर अपराधी उमाकांत की तलाश भी पुलिस को थी। उसके ऊपर 50 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा गया था। लेकिन शनिवार को शातिर अपराधी उमाकांत ने नाटकीय ढंग से चौबेपुर थाने के अंदर सरेंडर कर दिया है।
बिकरु कांड में 50 हजार का इनामी उमाकांत आज नाटकीय ढंग से चौबेपुर थाने में अपनी पत्नी, बेटी के साथ सरेंडर करने पहुंच गया इस दौरान वह गले में एक पट्टी टांगे हुआ था। जिसमें लिखा था कि "मेरा नाम उमाकांत शुक्ला उर्फ गुड्डन पुत्र मूलचंद्र शुक्ला निवासी बिकरु थाना चौबेपुर है। मैं बिकरु कांड में विकास दुबे के साथ शामिल था। मुझे पकड़ने के लिए रोज पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है। जिससे मैं बहुत डरा हुआ हूं। हम लोगों के द्वारा जो घटना की गई थी। उसमें बहुत आत्मग्लानि है। मैं खुद पुलिस के सामने हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए मुझ पर रहम की जाए।"
पट्टी टांगे जैसे ही थाने के अंदर उमाकांत अपनी बेटी व पत्नी के साथ पहुंचा, थोड़ी देर तक आस-पास मौजूद पुलिसकर्मी उसे नहीं पहचान पाए। फिर जब खुद ही वह कहने लगा कि मैं उमाकांत हूं और विकास दुबे के साथ उस रात घटना को अंजाम दिया था। मुझे गिरफ्तार कर लो और मेरी रक्षा करो इतना सुनते ही तत्काल प्रभाव से मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। उसे थाने के अंदर नजरबंद कर लिया।
मेरे पापा को माफ कर दिया जाए
बिकरु कांड के आरोपी उमाकांत अपनी बेटी के साथ सरेंडर करने थाने पहुंचा था इस दौरान बेटी छवि ने थाने के अंदर मौजूद अधिकारियों से कहा कि मेरे पापा को माफ कर दिया जाए वह हाजिर होने आए हैं। आप लोगों की शरण में आए हैं। मेरे पापा को बक्श दिया जाए।
थाना प्रभारी चौबेपुर ने बताया कि पुलिस टीम की लगातार 50 हजार का इनामी उमाकांत की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी जिसके चलते आज आरोपी उमाकांत अपने पूरे परिवार के साथ थाना चौबेपुर में आकर पुलिस के सामने हाजिर हुआ है तथा थाना चौबेपुर पुलिस ने उमाकांत उर्फ को अपनी अभिरक्षा में लिया है।
पूछताछ में उमाकांत उर्फ गुड्डन ने बताया है कि घटना वाले दिन अपने साथियों अमर दुबे, अतुल दुबे, प्रेमकुमार , प्रभात मिश्रा, हीरू, शिवम ,जिलेदार, रामसिंह, रमेशचन्द्र, गोपाल सैनी,अखिलेश मिश्रा, विपुल, श्यामू ,राजेन्द्र मिश्रा,बाल गोविन्द दुबे, दयाशंकर अग्निहोत्री व विकास दुवे के साथ पुलिस वालों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी जिससे 8 पुलिस वाले शहीद हो गये थे तथा 6 गम्भीर रुप से घायल हो गये ते उसके बाद हमारे साथी पुलिस वालो के सरकारी हाथियार लूट कर ले गये थे। मैं पुलिस के डर के कारण भाग गया था।
उसने कहा कि बिकरु कांड की मुझे बहुत आत्मग्लानि है,रोज रोज पड रही ताबड़तोड़ दबिश एवं दबाव के कारण मैं आज स्वंय चौबेपुर पुलिस के सामने हाजिर हुआ हूं। मुझ पर रहम करते हुये मेरी जान की रक्षा की जाये।
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