उत्तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्या में पांच अगस्त को भव्य राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी। पीएम मोदी इसका शिलान्यास करेंगे। अयोध्या में बनने वाले भव्य श्रीराम मंदिर की नींव बाबा विश्वनाथ को अर्पित शेषनाग पर तैयार होगी। शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में रजत शेषनाग का पूजन हुआ। बाबा विश्वनाथ को चांदी का कछुआ, रामनाम अंकित चांदी के पांच बेलपत्र, सवा पाव चंदन और पंचरत्न भी अर्पित किए गए। ये पांचों सामग्रियां पांच अगस्त को अयोध्या में भूमिपूजन के दौरान मंदिर की नींव में डाली जाएंगी।
काशी विद्वत परिषद के मंत्री डॉ. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि सृष्टि में सबसे पहले राम कथा भगवान शिव ने कही है। राम की पूजा से शिव और शिव की पूजा से राम प्रसन्न होते हैं। इस धार्मिक मान्यता में आस्था व्यक्त करते हुए काशी विद्वत परिषद की ओर से श्रीराम मंदिर की नींव के लिए पांच विशेष सामग्री बाबा विश्वनाथ को अर्पित की गई। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार कछुए की पीठ पर भगवान शेषनाग विराजमान हैं जो भगवान शिव के प्रतिनिधि हैं।
शेषनाग पाताल लोक के स्वामी हैं। श्रीराम मंदिर की नींव में उनकी उपस्थिति से मंदिर की दिव्यता और भव्यता चिरकाल तक बनी रहेगी। पंच रत्नों को पंचभूतों का प्रतीक माना गया है। वास्तु की दृष्टि से आधार पुरुष की विशेष मान्यता है। उन्होंने बताया कि शास्त्रीय निषेध के कारण काशी की मिट्टी और गंगाजल ले जाने पर नहीं किया गया।
पंच सामग्री लेकर तीन अगस्त को रवाना होंगे विद्वान
उन्होंने बताया कि 3/3 के गड्ढे में पीएम मोदी भूमि पूजन जब करेंगे तब उनके हाथ से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा को चढ़ाया हुआ स्वर्ण का नाग नागिन,रजत का कच्छप और रजत का ही पांच बेल पत्र भी डाला जाएगा। काशी के तीन वैदिक विद्वान बाबा को अर्पित पंच सामग्री लेकर तीन अगस्त को अयोध्या रवाना होंगे। इनमें बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पांडेय, वर्तमान अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पांडेय एवं डॉ. रामनारायण द्विवेदी शामिल हैं।
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