उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला की गुरुवार सुबह मौत हो गई। इससे नाराज परिजन ने अस्पताल में हंगामा किया। आरोप लगाया कि हालत गंभीर बताकर मरीज का गर्भपात कराया गया। किडनी व बच्चेदानी गायब कर दी गई। पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत किया। इस प्रकरण में अस्पताल की डॉक्टर गरिमा द्विवेदी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए (गैर इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है।
यह है मामला
नैनी बाजार निवासी स्वीटी केशरवानी (28) पत्नी राकेश का अबॉर्शन कराने के लिए दो दिन पहले परिजनों ने कर्नलगंज कोतवाली में म्योर रोड पर स्थित आनंद अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार सुबह स्वीटी की अचानक मौत हो गई। राकेश के बड़े भाई सुनील का कहना है स्वीटी को पहले कोई परेशानी नहीं थी। नाराज परिजन ने आरोप लगाया कि उनका मरीज बुधवार दोपहर तक ठीक था। उसके बाद घरवालों को मरीज से मिलने से रोक दिया गया गया और हालत गंभीर बताकर उसका पहले ऑपरेशन करके गर्भपात करा दिया, फिर उसकी किडनी निकाल ली, जिससे पेशेंट की मौत हो गई।
हंगामे की सूचना पर सर्किल अफसर समेत दो थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराने की कोशिश शुरू हुई तो परिजन और खफा हो गए और शव लेने से इंकार करते हुए ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पर मुकदमा लिखकर जेल भेजने की मांग करने लगे। करीब पांच घंटे के बाद परिजन राजी हुए तब पंचनामा करके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
एक अन्य अस्पताल में भी हुआ था इलाज
इंस्पेक्टर कर्नलगंज अवन दीक्षित का कहना है कि महिला का इलाज पहले नैनी में हुआ था। इसके बाद आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान मौत हुई है। परिजनों के आरोप के आधार पर डॉक्टर गरिमा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2XZiqpk
via IFTTT

0 Comments