उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में बाढ़ से हालात बेकाबू हैं। इन जिलों के 788 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से 454 गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। राहत बचाव के लिए योगी सरकार ने 331 बाढ़ शरणालय बनाया है। जबकि 741 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई। इसी बीच बुलंदशहर जिले में मंगलवार को गंगा नदी की कटान में बाढ़ राहत का एक गोदाम समा गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। गोदाम में रखा बाढ़ राहत का लाखों रुपए का सामान भी गंगा की तेज बहाव में बह गया।
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा
गंगा के रौद्र रूप की यह तस्वीर बुलंदशहर के रामघाट की है। जहां गंगा के जबरदस्त कटान में मंगलवार सुबह एक बाढ़ राहत गोदाम ही समा गया। दरअसल आज गंगा के जल स्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। जैसे गंगा का जल स्तर बढ़ा गंगा तटों पर बेहिसाब कटाव शुरू हो गया। रामघाट स्थित गंगा में जहां पानी का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, वहीं गंगा तटों के कटान से गंगा का बहाव रिहाइशी और खेतों की तरफ हो चला है। हालात ऐसे हो गए हैं कि सैकड़ों एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं और लोग भयभीत हैं।
हालांकि प्रशासन ने गंगा के कटान वाले इलाकों में बालू रेत के बोरों को डलवाने का काम भी शुरू कर दिया है। आपको बता दें की गंगा के बढ़ते जल स्तर और कटान को लेकर डीएम रविन्द्र कुमार ने दो दिन पूर्व गंगा के कटाव वाले इलाकों का निरीक्षण किया था।
इन जिलों में नदियां उफान पर
वर्तमान में प्रदेश के 15 जनपद- अम्बेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, गोंडा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, मऊ, संतकबीर नगर तथा सीतापुर में बाढ़ के हालात हैं। सरकार का दावा है कि, इन जिलों के ग्रामीणों के लिए 1,046 नावें लगाई गई हैं।
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