उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने 5 अगस्त को लावारिस मिली लाश को अपने स्वजन के रूप में शिनाख्त की। पुलिस ने परिवार को शव सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। लेकिन, अगले दिन वह इंसान घर लौट आया, जिसे मरा समझकर दफन किया गया था। वह तीन अगस्त को पत्नी से झगड़ा होने के बाद घर छोड़कर चला गया था। अब पुलिस इस बात को लेकर परेशान है कि जिसकी लाश मिली थी वह कौन था?
पत्नी से झगड़ा होने पर कहीं चला गया था अहमद हसन
चकेरी थाना क्षेत्र के चमनगंज निवासी अहमद अपने दूसरे मकान में पत्नी नगमा और दो बच्चों के साथ रहते हैं। वह एसी रिपेयरिंग का काम करता है। दो अगस्त को वे पत्नी से झगड़ा होने के बाद घर से कहीं चले गए थे। पत्नी ने चकेरी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई। तीन दिन बाद 5 अगस्त को यतीमखाना के पास एक एक लावारिस मिली, जो आधी जली थी। पुलिस की मौजूदगी में पत्नी ने शव की शिनाख्त अपने पति के रूप में की। पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया था।
परिजन ने रीति रिवाज के तहत शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। लेकिन, शुक्रवार की शाम अहमद हसन वापस घर लौट आया। अहमद हसन को जिंदा देख परिजन हैरान रह गए। फिर तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। अहमद हसन की घर वापसी से परिजन बेहद खुश हैं।
क्या बोले एसएसपी?
कानपुर के एसएसपी प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि अहमद हसन की गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पत्नी ने लिखवाई थी। जिसके बाद से ही पुलिस अहमद हसन की तलाश कर रही थी। तलाश के दौरान एक शव बरामद हुआ था। जिसकी शिनाख्त के लिए परिजनों को बुलाया गया था और परिजनों में शव की पहचान अहमद हसन के रूप में की थी। नियमानुसार शव परिजन के सुपुर्द भी कर दिया गया और परिजन ने उसे दफना भी दिया है। लेकिन अब गुमशुदा आदमी अहमद हसन जिंदा वापस आ गया है। पुलिस इस बात की तलाश कर रही है कि परिजनों ने जिसकी पहचान की थी और जिसे दफनाया गया, वो कौन था? मामले की तफ्तीश दोबारा की जा रही है।
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