कान्हा के जन्म को लेकर हर धार्मिक नगरी मथुरा में उल्लास है। हर कोई प्रफुल्लित है। लेकिन कोरोनावायरस के चलते मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए बंद हैं। वृंदावन की जिन गलियों में जहां हर साल कृष्ण जन्माष्टमी पर पैर रखने की जगह नहीं होती थी वहां आज सन्नाटा पसरा है। सिर्फ स्थानीय कान्हा भक्त मंदिरों तक पहुंच रहे हैं। लेकिन उन्हें भी मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं है। ऐसे में वे मंदिर के मुख्य गेट से ही अपनी मन की आंखों से प्रभु के दर्शन कर वापस लौट रहे हैं।
बांके बिहारी मंदिर के पास बाजार में कुछ ही दुकानें खुली हैं। भगवान की पोशाकों की दुकान पर ग्राहक नजर नहीं आए। कुछ भक्त अपने लाडले के लिए फूलों के हार खरीदते नजर आए। मंदिर के द्वार पर पहुंचे कुछ भक्तों ने अपने लाडले को वहीं से प्रणाम किया और फिर वापस चले गए। वहीं, वृन्दावन के दूसरे प्रमुख मन्दिर राधारमण, राधा दामोदर, शाहजी और मथुरा के द्वारिकाधीश मन्दिर में अभिषेक की तैयारी चल रही है। यहां दिन में ही भगवान का अभिषेक किया जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान दिन के समय ही प्रगट हुए थे।
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