उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में सदर सीट से कांग्रेस की बागी विधायक अदिति सिंह ने सोमवार को पहली बार सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना राजनैतिक गुरू बताया। इसके बाद सियासी खेमे में हलचल बढ़ गई है। अदिति सिंह कई मौकों पर भाजपा की नीतियों के समर्थन में पार्टी लाइन से हटकर बयान दिए हैं। कांग्रेस ने उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए याचिका भी दाखिल की थी। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद से अदिति सिंह खुलकर राजनीति की पिच पर बल्लेबाजी करने लगी हैं।
दरअसल, रायबरेली शहर के सिविल लाइन चौराहे पर कमला नेहरू ट्रस्ट की जमीन पर कई दशकों से काबिज पटरी दुकानदारों को न्यायालय के आदेश पर वहां से हटाने के लिए जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। इसके बाद विधायक अदिति सिंह दुकानदरों के पक्ष में उतर आई हैं। इस मौके पर विधायक ने कहा कि, 'मैं खुले मुंह से कहना चाहती हूं कि आज जो इनकी दुकानें बची हैं, वो मेरे राजनैतिक गुरू और मुख्यमंत्री महाराज योगी आदित्यनाथ की वजह से है। हम ये लड़ाई लड़ रहे थे, उनके संज्ञान में जब लाई तो उन्होंने कहा कि हम पूरी तरीके से इसकी जांच कराएंगे। जो भी होगा न्याय होगा।
अदिति सिंह ने कमला नेहरू ट्रस्ट पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जमीन पर कई दशक से ये दुकानदार काबिज हैं तो ट्रस्ट के पक्ष में ये जमीन कैसे फ्री होल्ड हो गई। फिलहाल इस मौके पर भारी भीड़ जमा रही और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां प्रशासन की मौजूदगी में उड़ती रही।
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