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सुप्रीम कोर्ट ने विकास दुबे एनकाउंटर केस जांच के लिए गठित आयोग को भंग करने की याचिका खारिज की; कहा- सभी जज पक्षपाती नहीं

कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर केस की जांच के लिए गठित आयोग को भंग करने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दी है। दरअसल, वकील घनश्याम उपाध्याय ने जस्टिस बीएस चौहान की भूमिका पर सवाल उठाए थे। अर्जी में कहा था कि आयोग के अध्यक्ष चौहान के भाई और समधी भाजपा नेता हैं। जबकि, पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता कानपुर के आईजी के रिश्तेदार हैं। ऐसे में आयोग निष्पक्ष जांच नहीं कर पाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में क्या कहा?

चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने वकील घनश्याम से कहा कि, जस्टिस बीएस चौहान सुप्रीम कोर्ट के एक सम्मानित जज रहे हैं। वह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। उनके रिश्तेदारों से कभी कोई समस्या नहीं थी। अब आपको कोई समस्या क्यों है? क्या कोई रिश्तेदार इस घटना या जांच से जुड़ा है? वह निष्पक्ष क्यों नहीं हो सकते? ऐसे तमाम न्यायाधीश हैं, जिनके पिता या अन्य रिश्तेदार सांसद हैं। क्या आप कह रहे हैं कि वे सभी पक्षपाती हैं? क्या किसी राजनीतिक दल का संबंध कोई गैर कानूनी कार्य है? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि बीएस चौहान की नियुक्ति पर लगाए गए आरोप अपमानजनक है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बना था तीन सदस्य जांच आयोग

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच आयोग यूपी सरकार ने बताया है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बीएस चौहान अध्यक्ष हैं। जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज रहे शशिकांत अग्रवाल और पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता सदस्य हैं। इससे पहले यूपी सरकार ने विकास दुबे के एनकाउंटर के तुरंत बाद शशिकांत अग्रवाल की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग बनाया था। लेकिन अग्रवाल की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए वकील घनश्याम उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद बीएस चौहान व केएल गुप्ता को शामिल करते हुए नए सिरे से जांच आयोग का गठन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने दो माह के भीतर जांच रिपोर्ट तलब की है।

पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था विकास दुबे

बिकरु गांव में 2 जुलाई को मुठभेड़ में 8 पुलिसवाले मारे गए थे। इस हत्याकांड के बाद से विकास फरार हो गया था। बाद में वह उज्जैन में पकड़ा गया। एसटीएफ उसे कानपुर लेकर आ रही थी, तभी 17 किमी पहले भौंती गांव के पास पुलिस की गाड़ी पलट गई। इसके बाद मौके से भागने के प्रयास में विकास दुबे मारा गया था।



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गैंगस्टर विकास दुबे का 10 जुलाई को कानपुर के भौंती में यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर किया था। उसे उज्जैन से पकड़ा गया था।


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