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पुलिस अब तक नहीं ढूंढ सकी संजीत का शव; कोर्ट ने मुख्य आरोपी को रिमांड पर देने से इंकार किया, कहा- समय-सीमा खत्म

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में 55 दिन पहले हुए लैब टेक्नीशियन संजीत यादव के अपहरण और उसके बाद हत्या किए जाने के मामले में पुलिस हर कदम पर फेल नजर आ रही है। अपहरण कांड के एक माह बाद पुलिस ने 21 जुलाई को संजीत के दो दोस्तों को पकड़कर खुलासा किया था। लेकिन पुलिस न तो अभी तक पांडु नदी से संजीत का शव बरामद कर सकी, न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत जुटा सकी है। अब कोर्ट से भी पुलिस को झटका लगा है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने यह कहकर अर्जी ठुकरा दी कि इस प्रक्रिया की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। बता दें कि, योगी सरकार इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश कर चुकी है।

22 जून को हुआ था संजीत का अपहरण

लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हुआ था। 29 जून को उसके परिवार वालों के पास फिरौती के लिए फोन आया। 30 लाख रुपए फिरौती मांगी गई की थी। परिवार वालों ने पुलिस की मौजूदगी में 30 लाख की फिरौती दी थी। लेकिन न तो पुलिस अपहरणकर्ताओं को पकड़ पाई न संजीत यादव को बरामद किया गया। 21 जुलाई को जब पुलिस ने सर्विलांस की मदद से संजीत के दो दोस्तों को पकड़ा तो पता चला कि उन लोगों ने संजीत की 26 जून को ही हत्या कर दी गई थी। शव को पांडु नदी में फेंक दिया गया था। इसके बाद सीएम योगी के निर्देश पर इस मामले में एक आईपीएस समेत 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया।

पुलिस ने पांडु नदी में कई बार लगातार सर्च अभियान चलाया, लेकिन संजीत का शव हाथ नहीं लगा। वहीं, आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मजबूत साक्ष्य के आधार पर मुकदमा लड़ने की तैयारी कर रही पुलिस के हाथ कोई मजबूत साक्ष्य भी नहीं लगा है। जिसको लेकर पुलिस की परेशानियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। अपहर्ताओं ने संजीत यादव को जिस कमरे में रखा था, वहां भी फॉरेंसिक टीम ने पड़ताल की थी। लेकिन मायूसी हाथ लगी थी। इसके अलावा पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कुछ भी संदिग्ध कैद नहीं हुआ है।

कोरोना संक्रमित निकला था मुख्य आरोपी

अब पुलिस ने मुख्य आरोपी रामजी से पूछताछ करने के लिए कोर्ट में रिमांड की अर्जी डाली थी। जिसे कोर्ट ने यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि समय सीमा समाप्त हो चुकी है और इस पर कोई भी सुनवाई नहीं हो सकती। लेकिन पुलिस का कहना है कि कोई भी देरी नहीं हुई है। बल्कि आरोपी राम जी कोरोना संक्रमित था और उसका इलाज चल रहा था। पुलिस सूत्रों की मानें तो एक बार फिर कोर्ट के सामने पुलिस अपना पक्ष रखते हुए रिमांड की मांग कर सकती है।

क्या बोले एसपी साउथ?

एसपी साउथ दीपक भूकर ने कहा कि रामजी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद पुलिस ने रिमांड के लिए अर्जी डाली थी, लेकिन 14 दिन की बाध्यता के चलते अदालत ने रिमांड अर्जी खारिज कर दी है।



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अपने भाई संजीत की तस्वीर हाथों में लिए उसकी बहन।


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