उत्तर प्रदेश में कानपुर के बिकरु कांड में मारे गए प्रभात के साथ गोली चला रहे उसके पिता राजेन्द्र मिश्रा को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। राजेंद्र सरेंडर करने की फिराक में था और वकील से मिलने आया था तभी दबोचा गया। इसकी जानकारी एसपी ग्रामीण ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने दी।
श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि बिकरु कांड में वांछित चल रहे 50000 के इनामी अपराधी राजेंद्र मिश्रा को चौबेपुर पुलिस ने एक पशु आहार फैक्ट्री के गेट नंबर 2 से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में राजेंद्र मिश्रा ने बताया है कि घटना को लेकर उसे बेहद आत्मग्लानि है घटना की रात छत पर उसके साथ शिवम प्रभात मिश्रा इत्यादि लोग मौजूद थे और उसे बंदूक विकास दुबे ने दी थी।
बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद विकास दुबे ने बंदूक उससे वापस ले ली थी और फिर सभी को मौके से फरार होने के लिए कहा था उन्होंने बताया कि राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि इतने बड़े कांड को अंजाम देने के बाद वह बहुत डर गया था जिससे वह भाग गया लेकिन अपराधी विकास दुबे के मारे जाने के बाद उसने सरेंडर करने का मन बना लिया था लेकिन उससे पहले ही चौबेपुर पुलिस ने शिवराजपुर से उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो जुलाई की रात को हुआ था बिकरु कांड
2 व 3 जुलाई को पुलिस की एक टीम विकास दूबे के घर दबिश देने गई थी, जिसकी जानकारी भनक विकास दूबे को पहले ही पुलिस के द्वारा लग गई थी,इसके बाद विकास दूबे ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया, जिसमें उसके कई साथी मौजूद थे।इस हमले से पुलिस के 8 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद पुलिस ने कई राज्यों में सर्च अभियान चलाया। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दूबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया था। उत्तर प्रदेश आते समय कानपुर के पास पुलिस की गाड़ी पलट गई। इसी बीच भागने के दौरान एनकाउंटर में मारा गया।
अपनी छत से पुलिस पर गोलियां चला रहा था
बताया जा रहा है कि राजेन्द्र ने अपने बेटे प्रभात व अन्य लोगों के साथ अपनी छत से पुलिस पर गोलियां चला रहा था। राजेन्द्र ने पुलिस टीम पर पिस्टल से गोलियां दागी थी। वहीं बेटे प्रभात ने सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल से फायरिंग की थी। राजेंद्र घटना के बाद भागते समय विकास दुबे को पनी पिस्टल देकर भाग निकला था। 2 जुलाई को हुए बिकरु कांड के बाद से राजेंद्र फरार था। पुलिस ने उसपर 50 हजार का इनाम घोषित किया था। लगातार वह आसपास क्षेत्र व कानपुर देहात औरेया में छिपता रहा। शनिवार को वह अपने वकील से मिलने आया था तभी पुलिस को भनक लग गई और दबोच लिया गया।
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