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चायवाले की होनहार बेटी थी सुदीक्षा, मेहनत के बलबूतों भरी थी ऊंची उड़ान; मगर शोहदों ने तमाम बेटियों के सपनों को चकनाचूर कर दिया!

सबसे खतरनाक होता है सपनों का मर जाना...कवि पाश की लिखी ये कविता आज उन तमाम बेटियों पर सच साबित हो रही है, जिन्होंने ग्रेटर नोएडा के डेयरी स्कैनर कॉलोनी की रहने वाली सुदीक्षा भाटी को देखकर ऊंची उड़ान का सपना संजोया था। सुदीक्षा ने अपनी मेहनत के बलबूते पर अमेरिका में पढ़ाई करने की कामयाबी हासिल की थी। उसके लिए यह आसान नहीं था। पिता चाय बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सोमवार दोपहर ननिहाल जाते वक्त बुलंदशहर के रास्ते में शोहदे ने उसकी जान ले ली। सुदीक्षा बाइक सवार शोहदे से बचकर आगे बढ़ रही थी, तभी असंतुलित होकर रोड पर गिरी और उसकी मौत हो गई।

पिता ने कहा- आज फिर एक तारा टूट गया
होनहार बेटी को खोने के गम से पूरा परिवार टूट गया है। पिता जितेंद्र भाटी चाय का ढाबा चलाते हैं। उन्होंने कहा कि आज फिर एक तारा टूट गया। मुझे पुलिस से कोई इंसाफ नहीं चाहिए। इंसाफ मेरी बेटी को चाहिए। उसका कोई दोष नहीं था। वह तो अमेरिका जाने से पहले अपने मामा और ननिहाल वालों से मिलना चाहती थी। उसने बुलंदशहर से ही अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की थी।

2011 में सुदीक्षा के जीवन में आया था बदलाव
पिता बताते हैं कि सुदीक्षा का चयन वर्ष-2011 में विद्या ज्ञान लीडरशिप एकेडमी स्कूल में हुआ था। वह सिकंदराबाद के दूल्हेरा गांव के विद्या ज्ञान स्कूल की छात्रा थी। वहीं से उसकी जिंदगी में बदलाव आया। वर्ष-2018 की सीबीएसई परीक्षा में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में 98 फीसदी अंक हासिल कर जिले में टॉप किया था।

20 अगस्त को उसे अमेरिका लौटना था
अगस्त 2018 में वह अमेरिका गई थी। वह अमेरिका के बॉबसन कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट का कोर्स कर रही थी। उसे एचसीएल की तरफ से पिछले साल 3.80 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप मिली थी। सुदीक्षा जून में भारत लौटी थी और उसे 20 अगस्त को अमेरिका लौटना था।

इन परिस्थितियों में हुआ हादसा
सुदीक्षा अपने चाचा निगम भाटी के साथ बाइक पर मामा के घर माधवगढ़ जा रही थी। वे बुलंदशहर-गढ़ हाइवे स्थित चरौरा मुस्तफाबाद गांव के मोड़ के पास पहुंचे। यहां उनकी बाइक की बुलेट सवार से टक्कर हो गई। हादसे में 17 साल की सुदीक्षा की मौके पर ही मौत हो गई। निगम गंभीर रूप से घायल हो गए। बुलेट सवार फरार हो गए। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और उसने निगम को अस्पताल में भर्ती कराया। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुदीक्षा के परिवार का आरोप है कि बुलेट सवार युवक बार-बार स्कूटी को ओवरटेक कर रहा था। उसने स्कूटी के सामने आकर अचानक ब्रेक मारा। इससे निगम ने स्कूटी पर कंट्रोल खो दिया। निगम और सुदीक्षा दोनों नीचे गिरे। सुदीक्षा की मौत हो गई। चाचा अस्पताल में हैं।



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सुदीक्षा भाटी लॉकडाउन में अपने घर आई थीं। वे जल्द अमेरिका लौटने वाली थीं। इससे पहले सोमवार को अपने मामा और ननिहाल में सबसे मिलने के लिए जा रही थीं। - फाइल फोटो


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