अंतरराष्ट्रीय शूटर वर्तिका सिंह शनिवार को अपने अधिवक्ता के साथ सुलतानपुर दीवानी न्यायालय में एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंची। यहां उनके अधिवक्ता ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के विरूद्ध मानहानि का वाद दर्ज कराने के लिए वाद दाखिल किया है। उक्त मामले और पूर्व में वर्तिका द्वारा 23 दिसंबर 2020 को दायर कराए गए परिवाद में कोर्ट ने आज फिर से सुनवाई की, काफी देर की सुनवाई के बाद स्पेशल जज पीके जयंत ने दोनों मामलों में 11 जनवरी की तिथि नियत की है।
वर्तिका सिंह अपने अधिवक्ता के साथ पहले कोर्ट में गई, वर्तिका ने कहा कि 23 दिसंबर को दायर परिवाद में उसने कोर्ट में एविडेंस सम्मिट कर दिए हैं। साथ ही हमने उनके (स्मृति ईरानी) ऊपर मानहानि का केस दायर किया है। उन्होंने देश के सामने ये कहा है, 'मेरा सीधा संबंध उस पार्टी (कांग्रेस) से है। जबकि मैंने माननीय न्यायालय में सारे प्रमाण दे दिए हैं कि मेरा किसी से कोई संबंध नहीं है। मैं देश की एक अंतरराष्ट्रीय प्लेयर हूं जो मैंने देश को रिप्रजेंट किया है, मैं राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हूं।'
केंद्रीय मंत्री और मीडिया ने छवि बदनाम करने की काेशिश की
वर्तिका ने कहा कि मेरी छवि को स्मृति ईरानी ने देश और मीडिया के सामने बदनाम करने की कोशिश की है। वो मुद्दे की बात नहीं कर रही हैं, मैंने उनकी रिकार्डिंग दिया है, उनके निजी सचिव के भ्रष्टाचार का सबूत दिया है। वर्तिका ने दावा किया है कि केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव द्वारा मुसाफिरखाना कोतवाली में 23 नवंबर 2020 को कराई गई एफआईआर से एक महीने पहले उसने स्मृति ईरानी, राजनाथ सिंह को स्वयं के साथ हुए भ्रष्टाचार से जुड़े मामले का शिकायती पत्र दिया था। वर्तिका का आरोप है कि स्मृति ईरानी ने कहा था कि पैसे ले लो और चली जाओ। मेरे सवाल है उनसे जब मैंने पैसे दिए नहीं तो ले क्यों लूं?
क्या है मामला
बता दें कि 23 नवंबर को स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय गुप्ता की तहरीर पर मुसाफिरखाना कोतवाली में वर्तिका सिंह व एक अन्य के विरूद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था। विजय गुप्ता का आरोप था, "वर्तिका ने कूट रचना कर पत्र लिखकर मेरे विरूद्ध निराधार व असत्य आरोप लगाकर मानसिक रूप से परेशान करने व सामाजिक छवि को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया। इसी क्रम में 28 दिसंबर को मुंशीगंज थाने में कालिका प्रसाद मिश्र एडवोकेट की तहरीर पर पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी (अधिनियम) 67 के तहत वर्तिका के खिलाफ केस फाइल किया था।
25 दिसम्बर को स्मृति ने तोड़ी थी चुप्पी
वहीं 25 दिसंबर को तीन दिवसीय दौरे पर अमेठी पहुंची स्मृति ईरानी ने इस पूरे प्रकरण पर दौरे के दूसरे दिन चुप्पी तोड़ते हुए मीडिया से कहा था कि इस प्रकरण (वर्तिका सिंह केस) में फर्जीवाड़े के तीन मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। भारत सरकार के उपक्रमों के आधार पर फर्जी दस्तावेज लिखे गए। साथ ही पहले से ही इस पर दो संदिग्ध अपराधों में एफआईआर अयोध्या और लखनऊ में दर्ज है। उन्होंने ये भी कहा था कि "एक बार फिर कहती हूं अमेठी कांग्रेस का गढ़ रहा था, लेकिन अगर कांग्रेस पार्टी को मुझ पर कटाक्ष करना है तो कम से कम ऐसे प्यादे खड़े ना करें जिनका डायरेक्ट संबंध गांधी खानदान से है।"
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