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अब कोविड-19 की होगी पूल टेस्टिंग; एक साथ कई सैंपल की होगी जांच, इस तकनीक को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कोरोनावायरस की पूल टेस्टिंग कराने का निर्णय लिया है। जिस पर मंगलवार को काम स्वास्थ्य विभाग शुरू कर देगा। पूल टेस्टिंग तकनीक से एक साथ कई सैंपल की जांच हो सकेगी और इसमें खर्च भी 75फीसदी कम आएगा। आईसीएमआर से उत्तर प्रदेश को पूल टेस्टिंग की भी अनुमति मिल गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा- अभी तक एक बार में एक सैंपल की जांच हो रही है, लेकिन पूल टेस्टिंग में 10 से अधिक सैंपल एक बार में जांचे जाएंगे। जिनमें लक्षण नहीं दिखते उन मरीजों की स्क्रीनिंग में मददगार है।

जर्मनी व इजराइल में इसी तकनीक से होगी रही जांच

प्रमुख सचिव ने बताया कि, पूल टेस्टिंग तकनीक में अगर 10 सैम्पल्स को चेक करने पर टेस्ट निगेटिव आते हैं तो माना जाता है कि सभी सैम्पल्स संक्रमण मुक्त हैं और अगर इसमें संक्रमण निकलता है तो इन सैम्पल्स की जांच अलग-अलग करनी पड़ती है। इससे स्क्रीनिंग का काम तेज हो जाता है। इसका प्रोटोकॉल तय हो रहा है, कल से इस पर भी कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। उत्तर प्रदेश पूल टेस्टिंग करने वाला देश का पहला राज्य होगा। जर्मनी व इजराइल में पूल टेस्टिंग से जांच शुरू हो चुकी है।

इस तरह खर्च कम आएगा, समय भी बचेगा
देश के कुल सैंपल में करीब 3.8 फीसदी पॉजिटिव निकल रहे हैं। मतलब यदि 100 सैंपल की जांच हुई तो 96 टेस्ट निगेटिव आ रहे हैं। यदि 10-10 पूल में टेस्ट हों तो 10 पूल में सभी सैंपल्स की जांच हो जाएगी। वर्तमान प्रतिशत के मुताबिक दो या तीन पूल में ही पॉजिटिव मरीज आएंगे। ऐसे में अगर दो पूल पॉजिटिव आए तो 20 सैंपल ही दोबारा जांच लिए जाएंगे। यानी महज 20 सैंपल की जांच करनी होगी। ऐसे में जांच का खर्च एक चौथाई हो जाएगा।

डॉक्टर न हों संक्रमित, इसलिए आज दी गई ट्रेनिंग
प्रमुख सचिव अमित मोहन ने बताया कि, तमाम मेडिकल स्टॉफ कोरोना मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित हो रहे हैं। इस बाबत आज शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच जो जिले मुख्य रूप से कोरोना से प्रभावित हैं वहां की समस्त मेडिकल टीम के सदस्यों की ट्रेनिंग करवाई जा रही है। ताकि लोगों को बिना किसी समस्या के और मेडिकल टीम के बिना संक्रमित हुए बेहतर इलाज हो सके।


अब कहीं मिले कोरोना को छिपाने वाले तो डीएम-एसपी पर होगी कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया कि, सीएम ने तब्लीगी जमाती से जुड़े मामलों की पहचान के लिए डीएम-एसपी को 29, 30 व 31 मार्च को आदेश दिए थे। सीएम ने अब सख्ती से कहा है कि, कोरोनावायरस को छिपाने वाले या फैलाने वाले जो बच गए हैं, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाए। अगर डीएम-एसपी ने ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक घर, धर्मस्थलों आदि में चेकिंग नहीं की है और अगर अब कहीं भी छिपे हुए लोग पाए गए तो उनके विरुद्ध तो कार्रवाई होगी ही साथ ही वहां के जिला प्रशासन के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। अवनीश अवस्थी ने कहा- राज्य के 35 जिलों में 208 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। 15 जिलों में 401 केस और 25 जिलों में 80 मामले सामने आए हैं। वहीं, प्रदेश में अब तक 550 टेस्ट पॉजिटिव मिले हैं।सभी हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग कर उन्हें सील कर दिया गया है। यहां सैनिटाइजेशन का काम जारी है।



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स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा- राज्य के 550 मरीजों में से 47 पूरी तरह से स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। पीलीभीत जनपद से 2 केस सामने आए थे, दोनों ठीक हो चुके हैं। इस समय पीलीभीत पूरी तरह से कोरोना संक्रमण से मुक्त है।


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