उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रामा सेंटर के डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल स्टॉफ की टीम पर कोरोना पॉजिटिव होने का खतरा मंडरा रहा है। यह सभी लोग यहां पर एक डायबिटीज मरीज का इलाज करने में लगे थे। मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। सोमवार सुबह मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली। जिसके बाद सभी के होश उड़ गए। आनन-फानन में डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल स्टॉफ समेत 52 लोगों को क्वारैंटाइन के लिए भेजा गया। दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल के बाद अब यह दूसरा ऐसा मामला है।
बड़े डॉक्टर की ही सिफारिश पर हुआ था भर्ती
संक्रमित मरीज शनिवार शाम ट्रामा सेंटर में भर्ती हुआ था। उसे भर्ती करने की सिफारिश संस्थान के मेडिसिन विभाग के एक बड़े डॉक्टर ने की थी। चूंकि, सांस की समस्या वाले हर मरीज का कोरोना का टेस्ट होता है, इसलिए उसका भी सैंपल लिया गया था। सोमवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसके बाद केजीएमयू में हड़कंप मच गया।
लखनऊ में कोरोना पीड़ितों की संख्या 36
सोमवार को राजधानी में चार और कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई। जिसमें तीन पुरूष और एक महिला कोरोना संक्रमित हैं। केजीएमयू के क्रिटिकल केअर यूनिट में एक भर्ती है। बाकी के तीन साढ़ा मऊ अस्पताल ले जाए जा रहे हैं। यह सभी जमातियों के संपर्क में आए थे। तीन सदर के और एक नजीराबाद का रहने वाला है। राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमितों की संख्या 36 पहुंच गई है।
अब तक 5 मरीज हो चुके हैं डिस्चार्ज-
- 19 मार्च: पहली मरीज केजीएमयू से डिस्चार्ज।
- 06 अप्रैल: कनिका पीजीआइ से डिस्चार्ज।
- 07 अप्रैल: तीन मरीज केजीएमयू से डिस्चार्ज।
- 10 अप्रैल: एक मरीज केजीएमयू से डिस्चार्ज।
- 11 अप्रैल: ढाई वर्षीय बच्चा डिस्चार्ज।
पीलीभीत कोरोनामुक्त, राज्य में अब तक 550 रोगी
उत्तर प्रदेश में अब तक 550 टेस्ट पॉजिटिव मिले हैं। कोरोनावायरस राज्य के 41 जिलों तक अपने पांव पसार चुका है। हालांकि, राहत की बात है कि, 47 संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ्य भी हो चुके हैं।पीलीभीत जनपद में 2 केस थे। दोनों सही होकर जा अस्पताल से अपने घर जा चुके हैं। पीलीभीत में कोई भी संक्रमित मरीज नहीं है।प्रतिदिन 2000 सैंपल जुटाए जा रहे हैं। रविवार को 1980 सैंपल की टेस्टिंग हुई है।
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