उत्तर प्रदेश में कोरोनावायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके बचाव में जुटे डॉक्टरों पर भी संक्रमण का खतरा बना हुआ है। इस बीच प्रयागराज के कोटवां-बनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बनाए गए कोविड-19 लेवल-1 अस्पताल में कोरोना के मरीजों के उपचार में लगी चिकित्सकीय टीम को मंगलवार से क्वारैंटाइन में भेज दिया गया है। यह टीम अस्पताल में पांच अप्रैल से कोरोना के भर्ती मरीजों का उपचार कर रही है। 14 दिनों तक क्वारंटीन रहने के दौरान इनकी जांच भी कराई जाएगी। फिलहाल, ड्यूटी पर रहने के दौरान भी जांच के लिए नमूना भेज दिया गया है।
सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक उठाया गया कदम
कोरोना उपचार में लगी चिकित्सकीय टीम को एक सप्ताह काम करने के बाद 14 दिनों के लिए पैसिव क्वारैंटाइन में भेजा जाएगा। उसी के मुताबिक 24 सदस्यीय टीम को क्वारैंटाइन में भेजा गया है। इसमें छह डॉक्टर, छह नर्स, छह स्वीपर, तीन वार्ड ब्वॉय, फार्मासिस्ट और लैब तकनीशियन हैं। पैसिव क्वारैंटाइन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गेस्ट हाउस की व्यवस्था की गई है। उसी में सभी को अलग-अलग रखा गया है। उनके खाने-पीने का प्रबंध भी किया गया है, जिससे कि स्वास्थ्यकर्मियों को कोई परेशानी न हो।
रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही घर जाने की इजाजत मिलेगी
14 दिनों की क्वारंटीन अवधि समाप्त करने के बाद अगर इनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई तो उनको घर भेज दिया जाएगा। लेवल-वन अस्पताल के नोडल अफसर डॉ. वीके मिश्रा ने बताया कि पहली टीम के जाने के बाद कोरोना मरीजों के उपचार के लिए दूसरी टीम लगा दी गई है। सात दिनों तक काम करने के बाद इस टीम को भी 14 दिनों के लिए क्वारंटीन अवधि में रखा जाएगा।
वहीं एसआरएन अस्पताल में मंगलवार को कोरोना संक्रमण से संदिग्ध युवक को भर्ती किया गया है। उसकीजांच का नमूना मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी 11 अन्य लोगों के नमूने भी मंगलवार को भेजे गए हैं। इसमें से एक की रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। 10 की रिपोर्ट का इंतजार है।
एसआरएन में सोमवार को ही एक महिला को भी भर्ती किया गया है, उसकी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। एसआरएन कोरोना के नोडल अफसर डॉ. सुजीत कुमार ने कहा कि महिला को सांस लेने में तकलीफहै। लिहाजा, उसे अभी छुट्टी नहीं दी गई है। उसे यहां कमला नेहरू मेमोरियल हॉस्पिटल से लाकर भर्ती कराया गया है। बताया कि मंगलवार को जिस युवक को भर्ती किया गया है, वह कैंट क्षेत्र का है और उसे जुकाम, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफथी। वह ओपीडी में दिखाने आया था। डॉक्टरों ने संदिग्ध हालत देखकर उसे भर्ती कर लिया।
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