अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर के भूमि पूजन में दलितों की उपेक्षा के आरोपों पर मंगलवार को भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार ने कहा कि, राम मंदिर आंदोलन एक ऐसा आंदोलन था जिसमें जाति व धर्म की सभी बेड़ियां टूट गई थीं। सभी ने एक होकर इतना बड़ा आंदोलन खड़ा किया था, जिसमें हम कामयाब हुए। राम मंदिर का शिलान्यास कामेश्वर चौपाल ने किया था जो दलित समुदाय से हैं। ऐसे में मंदिर के भूमि पूजन में दलित की उपेक्षा करने का आरोप बेबुनियाद है।
बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष व पूर्व सांसद विनय कटियार ने कहा कि, राम मंदिर का भूमि पूजन कर इसके निर्माण का शुभारंभ करके पीएम नरेंद्र मोदी देश के पूर्व गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की तरह अमर हो गए। मैं अस्वस्थता के कारण कार्यक्रम में अयोध्या में रहते हुए नहीं पहुंच सका। लेकिन यह अच्छा काम हुआ है। अब मंदिर जल्द ही तेजी से बनना शुरू हो जाएगा।
कटियार ने कहा कि काशी व मथुरा के लिए अलग से चर्चा करेंगे। यह काम आसान नहीं है। कोर्ट में केस चल रहे हैं। सबकुछ समझना होगा। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट को सभी से सहयोग लेने की सलाह दी। कहा कि, विदेश में बड़ी संख्या में राम भक्त हैं, जो मंदिर के लिए दान देने के लिए आतुर है। उनकी भावनाओं का सम्मान कर उनकी सहयोग राशि मंदिर निर्माण के लगानी चाहिए।
आप और बसपा ने उपेक्षा का आरोप लगाया था
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर भूमि पूजन में दलितों की उपेक्षा की गई है। यदि प्रधानमंत्री को आमंत्रण दिया गया तो राष्ट्रपति को भी निमंत्रण देना चाहिए था। लेकिन भाजपा ने हमेशा दलितों को वोट बैंक समझा है। वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने भी कहा था कि यदि राष्ट्रपति को भी भूमि पूजन बुलाया जाता तो समाज को अच्छा संदेश जाता।
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